प्रतिस्पर्धा आयोग । मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम

 प्रतिस्पर्धा आयोग



भारत के आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने आर्थिक गतिविधियों में सबको समान अवसर प्रदान करने के लिए 13 जनवरी 2003 को प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 लागू किया गया। इसके उपरांत 14 अक्टूबर 2003 को भारत सरकार के द्वारा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग CCI की स्थापना की गई।

➤इसके बाद 2007 में प्रतिस्पर्धा संशोधन अधिनियम 2007 संसद द्वारा पारित किया गया

 संरचना   
इस आयोग में एक अध्यक्ष तथा 6 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाएंगे |

 उद्देश्य ➤
भारत के आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए प्रतिस्पर्धा अधिनियम में निम्नलिखित उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु प्रावधान किए गए हैं:-
1. प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली पद्धतियों को रोकना
2. बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और इसे बनाए रखना
3. उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना

 कार्य 
1. भारत की प्रतिस्पर्धा आयोग को जांच प्रक्रिया द्वारा प्रतिस्पर्धा विरोधी समझौते और एकाधिकार को रोकने तथा संयोजनो नियमन का कार्य करना ।
2. यह विभिन्न प्रकार की जांच के दौरान दोषी उद्यमियों की उनके कारोबार का 10% जुर्माना लगाकर दंडित भी करता है।
3.  यह पीड़ित पक्ष को मुआवजा प्रदान करवाता है।
4. यदि कोई उधम प्रभावशाली स्थिति का लाभ उठा रहा है तो केंद्र सरकार को इसके विभाजन की सिफारिश करना।

21 जून 2012 को अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने 11 सीमेंट कंपनियों को व्यापारिक संघ बनाकर कीमत का निर्धारण करने का दोषी ठहराते हुए 6000 करोड रुपए का जुर्माना लगाया।




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